अवध बार एसोसिएशन चुनाव को लेकर बढ़ी सरगर्मी, प्रिया सिंह श्रीनेत ने कनिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य पद के लिए दाखिल किया नामांकन |

रिपोर्ट: सुखपाल सिंह

अधिवक्ताओं के हितों और समस्याओं के समाधान को बनाया प्राथमिकता, सहयोगियों के साथ पहुंचकर दाखिल किया नामांकन

लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में अवध बार एसोसिएशन, हाईकोर्ट लखनऊ के आगामी चुनाव को लेकर चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। चुनाव को लेकर अधिवक्ताओं के बीच खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। विभिन्न पदों के लिए प्रत्याशियों ने अपनी दावेदारी पेश करनी शुरू कर दी है। इसी क्रम में अधिवक्ता प्रिया सिंह श्रीनेत ने कनिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य पद के लिए अपने सहयोगी अधिवक्ताओं के साथ नामांकन पत्र दाखिल किया।

नामांकन के दौरान उनके साथ अधिवक्ता साथियों की मौजूदगी रही। चुनावी मैदान में उतरने के साथ ही प्रिया सिंह श्रीनेत ने अधिवक्ताओं के हितों, उनकी समस्याओं और न्यायिक कार्य से जुड़ी आवश्यकताओं को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है।

अधिवक्ता हितों की आवाज को मजबूत करने का संकल्प

नामांकन दाखिल करने के बाद प्रिया सिंह श्रीनेत ने कहा कि उनका चुनाव लड़ने का मुख्य उद्देश्य अधिवक्ताओं के हितों के लिए मजबूती से काम करना है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनके सामने आने वाली समस्याओं को उचित मंच पर मजबूती से उठाया जाना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि यदि उन्हें कनिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य के रूप में कार्य करने का अवसर मिलता है तो वह अधिवक्ता साथियों की समस्याओं को समझने, उन्हें संबंधित स्तर तक पहुंचाने और उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास करेंगी।

प्रिया सिंह श्रीनेत ने कहा कि वह अधिवक्ताओं की शक्ति को मजबूत करने, उनके हितों की रक्षा करने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करेंगी।

अवध बार एसोसिएशन के बैनर तले लड़ेंगी अधिवक्ताओं की लड़ाई

प्रिया सिंह श्रीनेत ने कहा कि अवध बार एसोसिएशन अधिवक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। उनका प्रयास रहेगा कि एसोसिएशन के माध्यम से अधिवक्ताओं की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया जाए और उनके हितों से जुड़े मुद्दों पर सामूहिक रूप से काम किया जाए।

उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के अपने सभी अधिवक्ता साथियों के साथ मिलकर वह अधिवक्ता समाज की आवाज को मजबूती देने का प्रयास करेंगी। उनका कहना है कि अधिवक्ताओं की एकजुटता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और इसी भावना के साथ वह चुनाव मैदान में उतरी हैं।

प्रतापगढ़ के ग्राम बहुचरा से लखनऊ हाईकोर्ट तक का सफर

प्रिया सिंह श्रीनेत मूल रूप से उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जनपद के ग्राम बहुचरा की रहने वाली हैं। उन्होंने कानून के क्षेत्र को अपना कार्यक्षेत्र बनाया और लखनऊ हाईकोर्ट में अधिवक्ता के रूप में अपनी पहचान स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर न्याय के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने का उनका सफर उनके लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। वह अपने पेशे के साथ-साथ अधिवक्ता समाज से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाने की बात कह रही हैं।

चुनाव को लेकर अधिवक्ताओं में बढ़ा उत्साह

अवध बार एसोसिएशन के चुनाव को लेकर हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में लगातार चुनावी गतिविधियां बढ़ रही हैं। अलग-अलग पदों के लिए प्रत्याशी अधिवक्ता साथियों से संपर्क कर रहे हैं और अपने मुद्दों को उनके सामने रख रहे हैं।

कनिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य पद के लिए प्रिया सिंह श्रीनेत के नामांकन के बाद अब उनकी चुनावी सक्रियता भी बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने अधिवक्ता साथियों से सहयोग और समर्थन की अपील करते हुए कहा कि वह पद को व्यक्तिगत उपलब्धि के बजाय अधिवक्ता समाज की सेवा के अवसर के रूप में देखती हैं।

उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता अधिवक्ताओं के हितों की आवाज को मजबूती देना, उनकी समस्याओं को सामने लाना और उनके समाधान के लिए प्रभावी प्रयास करना होगी।

अधिवक्ता साथियों से सहयोग की अपील

प्रिया सिंह श्रीनेत ने अपने सभी अधिवक्ता साथियों से सहयोग और समर्थन की अपील की। उन्होंने कहा कि वह चुनाव में अधिवक्ताओं के विश्वास और समर्थन के साथ आगे बढ़ना चाहती हैं और यदि उन्हें कार्यकारिणी में सेवा का अवसर मिलता है तो वह पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्व का निर्वहन करेंगी।

उन्होंने कहा कि अधिवक्ता हित सर्वोपरि है और अधिवक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

अब नजर अवध बार एसोसिएशन के चुनावी परिणाम पर रहेगी कि अधिवक्ता मतदाता किस तरह अपने प्रतिनिधियों का चयन करते हैं। फिलहाल नामांकन प्रक्रिया के साथ ही हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में चुनावी माहौल और अधिक सक्रिय होता दिखाई दे रहा है।

Discover more from SATYA SATEEK SOOCHNA.

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading